-
144
छात्र -
108
छात्राएं -
22
कर्मचारीशैक्षिक: 128
गैर-शैक्षिक: 153
ताज़ा खबर
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, सिंघारसी, वायु सेना स्थल एक रक्षा क्षेत्र का सह-शिक्षा विद्यालय है। इसकी शुरुआत 1971 में हुई थी। तब से यह रक्षा कर्मियों के साथ-साथ आसपास के गांवों के लिए सराहनीय सेवा कर रहा है। विद्यालय की अपनी तीन मंजिला इमारत है जिसमें पूर्ण-सुसज्जित प्रयोगशालाएँ, कंप्यूटर, पुस्तकालय और दो खेल के मैदान हैं। इसमें पहली से बारहवीं तक की कक्षाएं हैं
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करना और गति निर्धारित करना केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करना और बढ़ावा देना।.
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री समाज वी जोगलेकर
उप आयुक्त
विद्या ददाति विनयं, विनयात् याति पात्रताम्। पात्रत्वात् धनमाप्रोति धनात् धर्मं तत: सुखम्।। केंद्रीय विद्यालय संगठन, राँची संभाग की नई एवं विस्तीर्ण वेबसाइट को उपस्थापित करते हुए हमें असीम आनन्द एवं अत्यधिक प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है| यह एक ऐसी संहिता है, जो भावी नागरिकों के व्यक्तित्त्व का सम्पूर्ण विकास एवं विभिन्न क्षेत्रों में उन्हें सफलता हेतु प्रोत्साहित करने की दिशा में, शिक्षण केन्द्रों में आयोजित होने वाले कई कार्यक्रमों को प्रतिबिम्बित करती है| गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने वाले प्रमुख संगठनों में से एक केन्द्रीय विद्यालय संगठन का हिस्सा होने पर हमें गर्व है | इसकी उल्लेखनीय अभिवृद्धि एवं योगदान का अभिज्ञान मुझे गौरवान्वित करता है| अपनी स्थापना के पश्चात् से ही केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ एक सम्यक पथ-प्रदर्शक के रूप में कार्य करते हुए विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी एवं महत्त्वपूर्ण संस्था के रूप में स्वयं को स्थापित किया है| केन्द्रीय विद्यालय संगठन के जिन शिक्षकों को यह प्रयोजन सौंपा गया है, वे शिक्षाशास्त्र के व्यापक उद्देश्य के बारे में पर्याप्त रूप से उन्मुख हैं। शिक्षा किसी राष्ट्र का मेरूदण्ड होता है| उचित शिक्षा स्वस्थ मस्तिष्क एवं सुयोग्य नागरिकों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान देती है| यदि हम इस बदलती हुई नई विश्व व्यवस्था में अपना अस्तित्त्व बचाए रखते हुए निरंतर प्रगति कर अपनी पहचान बनाना चाहतें हैं तो, हमें स्वयं को नवीनतम समुचित ज्ञान एवं आधुनिकतम कौशलों से समृद्ध करना होगा| भारत में 21वीं शताब्दी की चुनौतियों का सामना करने के लिए हम युवा मस्तिष्क को तैयार करने की एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहें हैं| इस दिशा में आने वाली विघ्न-बाधाओं से निपटने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है| राष्ट्र निर्माण हेतु आवश्यक ‘मानव संसाधन’ के विकास का लक्ष्य केवल जन शिक्षा एवं सम्यक ज्ञान के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है| मैं केंद्रीय विद्यालय संगठन, राँची संभाग में प्रतिभाशाली एवं उत्कृष्ट समर्पित समूह पाकर स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूँ और इस अवसर पर केन्द्रीय विद्यालय संगठन राँची संभाग के सभी कर्मचारियों से हमारे विद्यार्थियों की उत्कृष्टता के लिए मिलकर काम करने की अपील करना चाहता हूं। मैं उन सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ, जो केंद्रीय विद्यालय संगठन के शैक्षणिक वातावरण में अपने भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। शुभकामनाओं सहित !!
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सौमी सरकार
प्रभारी प्राचार्य
विद्यालय उद्देश्य उत्कृष्ट गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना है । बच्चों की प्रतिभा को विकसित करना और बच्चे को सीखने का आनंद लेने के लिए प्रोत्साहित करना। हमारा प्रयास बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बनाए रखना, राष्ट्र और दुनिया के बीच सुंदर जुड़ाव को महसूस करते हुए नवीन ऊर्जा को प्रसारित करना है। बच्चे के मन और भावना को जागृत करना होगा कि वह जो कुछ भी उसके लिए नया है उसे खोजें, और सीखें। पाठ्यक्रम पूर्व-प्राथमिक स्तर से जुड़े हुए हैं। छात्रों को शैक्षणिक कौशल विकसित करने तथा धीरे-धीरे ज्ञान का विस्तार करने का सर्वोत्तम अवसर प्रदान करने के लिए बारीकी से निगरानी की जाती है। शैक्षिक प्रौद्योगिकी ने जीवन के सभी क्षेत्रों में प्रवेश कर लिया है। हमारा प्रयास शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के साथ ही साथ प्रौद्योगिकी और इसके अनुप्रयोग की सीमा को 'पूरे कक्षा में' एकीकृत करना है। आधुनिक शिक्षण रणनीतियाँ, छात्र संवर्धन इकाई का प्रावधान, विभिन्न छात्र-सीखने की शैलियों की पहचान और शैक्षणिक समर्थन की संस्कृति हमारे विद्यालय में एक विशेष शिक्षण समुदाय का निर्माण करती है। वैश्वीकरण और मनुष्य की जरूरतों में बढ़ती विविधता ने प्रतिस्पर्धी कौशल की बढ़ी हुई मांग पैदा की है और हमारा उद्देश्य वह मंच प्रदान करना है जहां ऐसी जरूरतों को पूरा किया जाएगा। हमारा ध्यान बच्चों को स्वायत्त शिक्षार्थी बनने के लिए प्रशिक्षित करना है। हमारा मुख्य प्रयास छात्रों को ऐसी शिक्षा प्रदान करना है जो उन्हें अपने 'सपनों' और कौशल को पहचानने और साकार करने और उत्कृष्टता प्राप्त करने की लगन को प्रज्वलित करने में सक्षम बनाए। छात्रों को एक ऐसा वातावरण दिया जाएगा जिसमें उनकी विशेषताओं और शक्तियों को बढ़ावा दिया जा सके, उनकी रचनात्मकता विकसित हो सके और सहजता का पोषण किया जा सके। वे विश्लेषणात्मक और तार्किक सोच से संपन्न वयस्कों के रूप में विकसित होते हैं।
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News & Stories about Students, and innovation across the School
31/08/2023
योग दिवस
02/09/2023
ई-क्लासरूम में इंटरैक्टिव पैनल का इस्तेमाल करके, शिक्षक और छात्रों के बीच बेहतर संवाद और सहयोग हो सकता है|
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
सृजन
वृक्षारोपण कार्यक्रम
09/03/2024
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यालय में वृक्षारोपण किया गया |
श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 और कक्षा 12
कक्षा X
कक्षा XII
विद्यालय परिणाम
सत्र 2024-25
उपस्थित 14 उतीर्ण 14
सत्र 2023-24
उपस्थित 24 उतीर्ण 24
सत्र 2022-23
उपस्थित 46 उतीर्ण 45
सत्र 2021-22
उपस्थित 38 उतीर्ण 38
सत्र 2024-25
उपस्थित 08 उतीर्ण 08
सत्र 2023-24
उपस्थित 31 उतीर्ण 31
सत्र 2022-23
उपस्थित 30 उतीर्ण 29
सत्र 2021-22
उपस्थित 23 उतीर्ण 23